Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 10.19

न हि प्रमादात्परमोऽस्ति कश्चि;द्वधो नराणामिह जीवलोके
प्रमत्तमर्था हि नरं समन्ता;त्त्यजन्त्यनर्थाश्च समाविशन्ति

पूरा अध्याय