ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 9797.21महाभारत 97.21जानामि चैव सत्यं तन्मदर्थं यदभाषथाः आपद्धर्ममवेक्षस्व वह पैतामहीं धुरम्पिछलाअगलापूरा अध्याय