Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 96.17

सवर्मभिर्भूषणैस्ते द्राग्भ्राजद्भिरितस्ततः
सक्रोधामर्षजिह्मभ्रूसकषायदृशस्तथा

पूरा अध्याय