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महाभारत 85.12

अष्टक उवाच
अन्यद्वपुर्विदधातीह गर्भ; उताहोस्वित्स्वेन कामेन याति
आपद्यमानो नरयोनिमेता;माचक्ष्व मे संशयात्प्रब्रवीमि

पूरा अध्याय