ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 8282.2महाभारत 82.2देवलोकाद्ब्रह्मलोकं संचरन्पुण्यकृद्वशी अवसत्पृथिवीपालो दीर्घकालमिति श्रुतिःपिछलाअगलापूरा अध्याय