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महाभारत 75.23

वैशंपायन उवाच
प्रतिश्रुते दासभावे दुहित्रा वृषपर्वणः
देवयानी नृपश्रेष्ठ पितरं वाक्यमब्रवीत्

पूरा अध्याय