ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 7171.9महाभारत 71.9न हि वेद स तां विद्यां यां काव्यो वेद वीर्यवान् संजीवनीं ततो देवा विषादमगमन्परम्पिछलाअगलापूरा अध्याय