ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 7171.18महाभारत 71.18ब्रह्मचर्यं चरिष्यामि त्वय्यहं परमं गुरौ अनुमन्यस्व मां ब्रह्मन्सहस्रं परिवत्सरान्पिछलाअगलापूरा अध्याय