Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 63.10

सुदूरमनुजग्मुस्तं पौरजानपदास्तदा
न्यवर्तन्त ततः पश्चादनुज्ञाता नृपेण ह

पूरा अध्याय