Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 61.83

दुर्मुखो दुःसहश्चैव ये चान्ये नानुशब्दिताः
दुर्योधनसहायास्ते पौलस्त्या भरतर्षभ

पूरा अध्याय