ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 5858.37महाभारत 58.37ततो मही महीपाल भारार्ता भयपीडिता जगाम शरणं देवं सर्वभूतपितामहम्पिछलाअगलापूरा अध्याय