Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 58.26

आदित्यैर्हि तदा दैत्या बहुशो निर्जिता युधि
ऐश्वर्याद्भ्रंशिताश्चापि संबभूवुः क्षिताविह

पूरा अध्याय