ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 5757.66महाभारत 57.66ततो लब्धवरा प्रीता स्त्रीभावगुणभूषिता जगाम सह संसर्गमृषिणाद्भुतकर्मणापिछलाअगलापूरा अध्याय