ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 5555.34महाभारत 55.34सा शचीव महेन्द्रेण श्रीः कृष्णेनेव संगता सुभद्रा युयुजे प्रीता पाण्डवेनार्जुनेन हपिछलाअगलापूरा अध्याय