ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 4848.16महाभारत 48.16तमिन्द्रः प्राह सुप्रीतो न तवास्तीह तक्षक भयं नागेन्द्र तस्माद्वै सर्पसत्रात्कथंचनपिछलाअगलापूरा अध्याय