ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 4545.20महाभारत 45.20बभूव मृगयाशीलस्तव राजन्पिता सदा यथा पाण्डुर्महाभागो धनुर्धरवरो युधि अस्मास्वासज्य सर्वाणि राजकार्याण्यशेषतःपिछलाअगलापूरा अध्याय