ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 4242.18महाभारत 42.18तत्र तां भैक्षवत्कन्यां प्रादात्तस्मै महात्मने नागेन्द्रो वासुकिर्ब्रह्मन्न स तां प्रत्यगृह्णतपिछलाअगलापूरा अध्याय