ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 33.59महाभारत 3.59स एवमुक्त उपाध्यायेन स्तोतुं प्रचक्रमे देवावश्विनौ वाग्भिरृग्भिःपिछलाअगलापूरा अध्याय