Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 3.182

एवमुक्तस्तु विप्रेण स राजा प्रत्युवाच ह
जनमेजयः प्रसन्नात्मा सम्यक्संपूज्य तं मुनिम्

पूरा अध्याय