Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 27.7

शक्रस्तु वीर्यसदृशमिध्मभारं गिरिप्रभम्
समुद्यम्यानयामास नातिकृच्छ्रादिव प्रभुः

पूरा अध्याय