ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 218218.29महाभारत 218.29अशनिं गृह्य तरसा वज्रमस्त्रमवासृजत् हतावेताविति प्राह सुरानसुरसूदनःपिछलाअगलापूरा अध्याय