ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 218218.27महाभारत 218.27अथापरे शरैर्विद्धाश्चक्रवेगेरितास्तदा वेलामिव समासाद्य व्यातिष्ठन्त महौजसःपिछलाअगलापूरा अध्याय