Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 218.15

तद्विघातार्थमसृजदर्जुनोऽप्यस्त्रमुत्तमम्
वायव्यमेवाभिमन्त्र्य प्रतिपत्तिविशारदः

पूरा अध्याय