Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 217.5

दग्धैकदेशा बहवो निष्टप्ताश्च तथापरे
स्फुटिताक्षा विशीर्णाश्च विप्लुताश्च विचेतसः

पूरा अध्याय