Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 217.21

ततो नमुचिहा क्रुद्धो भृशमर्चिष्मतस्तदा
पुनरेवाभ्यवर्षत्तमम्भः प्रविसृजन्बहु

पूरा अध्याय