ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 214214.2महाभारत 214.2आश्रित्य धर्मराजानं सर्वलोकोऽवसत्सुखम् पुण्यलक्षणकर्माणं स्वदेहमिव देहिनःपिछलाअगलापूरा अध्याय