Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 214.18

विहारदेशं संप्राप्य नानाद्रुमवदुत्तमम्
गृहैरुच्चावचैर्युक्तं पुरंदरगृहोपमम्

पूरा अध्याय