ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 213213.61महाभारत 213.61स सात्वत्यामतिरथः संबभूव धनंजयात् मखे निर्मथ्यमानाद्वा शमीगर्भाद्धुताशनःपिछलाअगलापूरा अध्याय