ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 211211.23महाभारत 211.23स त्वमर्जुन कल्याणीं प्रसह्य भगिनीं मम हर स्वयंवरे ह्यस्याः को वै वेद चिकीर्षितम्पिछलाअगलापूरा अध्याय