Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 21.14

शुक्लस्त्वं बहुलश्चैव कला काष्ठा त्रुटिस्तथा
संवत्सरर्तवो मासा रजन्यश्च दिनानि च

पूरा अध्याय