ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 205205.21महाभारत 205.21सोऽनुसृत्य महाबाहुर्धन्वी वर्मी रथी ध्वजी शरैर्विध्वंसितांश्चोरानवजित्य च तद्धनम्पिछलाअगलापूरा अध्याय