ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 191191.7महाभारत 191.7जीवसूर्वीरसूर्भद्रे बहुसौख्यसमन्विता सुभगा भोगसंपन्ना यज्ञपत्नी स्वनुव्रतापिछलाअगलापूरा अध्याय