महाभारत 189.49
सैषा देवी रुचिरा देवजुष्टा; पञ्चानामेका स्वकृतेन कर्मणा
सृष्टा स्वयं देवपत्नी स्वयम्भुवा; श्रुत्वा राजन्द्रुपदेष्टं कुरुष्व
सैषा देवी रुचिरा देवजुष्टा; पञ्चानामेका स्वकृतेन कर्मणा
सृष्टा स्वयं देवपत्नी स्वयम्भुवा; श्रुत्वा राजन्द्रुपदेष्टं कुरुष्व