ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 167167.21महाभारत 167.21त्राहि मां भगवन्पापादस्माद्दारुणदर्शनात् रक्षो अत्तुमिह ह्यावां नूनमेतच्चिकीर्षतिपिछलापूरा अध्याय