ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 166166.9महाभारत 166.9हंसि राक्षसवद्यस्माद्राजापसद तापसम् तस्मात्त्वमद्य प्रभृति पुरुषादो भविष्यसिपिछलाअगलापूरा अध्याय