ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 166166.2महाभारत 166.2स कदाचिद्वनं राजा मृगयां निर्ययौ पुरात् मृगान्विध्यन्वराहांश्च चचार रिपुमर्दनःपिछलाअगलापूरा अध्याय