ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 162162.12महाभारत 162.12जगाम मनसा चैव वसिष्ठमृषिसत्तमम् पुरोहितममित्रघ्नस्तदा संवरणो नृपःपिछलाअगलापूरा अध्याय