ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 160160.21महाभारत 160.21स कदाचिदथो राजा श्रीमानुरुयशा भुवि चचार मृगयां पार्थ पर्वतोपवने किलपिछलाअगलापूरा अध्याय