ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 160160.17महाभारत 160.17यथा हि दिवि दीप्तांशुः प्रभासयति तेजसा तथा भुवि महीपालो दीप्त्या संवरणोऽभवत्पिछलाअगलापूरा अध्याय