Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 151.18

भीमसेनोऽपि तद्रक्षः परिरभ्य महाभुजः
विस्फुरन्तं महावेगं विचकर्ष बलाद्बली

पूरा अध्याय