ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 149149.11महाभारत 149.11कुर्यान्न निन्दितं कर्म न नृशंसं कदाचन इति पूर्वे महात्मान आपद्धर्मविदो विदुःपिछलाअगलापूरा अध्याय