ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 148148.4महाभारत 148.4पुष्टो मानुषमांसेन दुर्बुद्धिः पुरुषादकः रक्षत्यसुरराण्नित्यमिमं जनपदं बलीपिछलाअगलापूरा अध्याय