ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 147147.12महाभारत 147.12अनाथा कृपणा बाला यत्रक्वचनगामिनी भविष्यामि त्वया तात विहीना कृपणा बतपिछलाअगलापूरा अध्याय