ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 146146.28महाभारत 146.28स कुरुष्व मया कार्यं तारयात्मानमात्मना अनुजानीहि मामार्य सुतौ मे परिरक्ष चपिछलाअगलापूरा अध्याय