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महाभारत 141.17

वैशंपायन उवाच
एवमुक्त्वा ततो बाहुं प्रगृह्य पुरुषादकः
अभ्यधावत संक्रुद्धो भीमसेनमरिंदमम्

पूरा अध्याय