Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 136.6

ता विहृत्य यथाकामं भुक्त्वा पीत्वा च भारत
जग्मुर्निशि गृहानेव समनुज्ञाप्य माधवीम्

पूरा अध्याय