ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 135135.16महाभारत 135.16स तथेति प्रतिश्रुत्य खनको यत्नमास्थितः परिखामुत्किरन्नाम चकार सुमहद्बिलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय