ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 133133.25महाभारत 133.25निवृत्ते विदुरे चैव भीष्मे पौरजने तथा अजातशत्रुमामन्त्र्य कुन्ती वचनमब्रवीत्पिछलाअगलापूरा अध्याय