ग्रंथमहाभारतआदिपर्वअध्याय 128128.18महाभारत 128.18एवं राजन्नहिच्छत्रा पुरी जनपदायुता युधि निर्जित्य पार्थेन द्रोणाय प्रतिपादितापिछलापूरा अध्याय