Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 127.5

तं दृष्ट्वा सूतपुत्रोऽयमिति निश्चित्य पाण्डवः
भीमसेनस्तदा वाक्यमब्रवीत्प्रहसन्निव

पूरा अध्याय